यह
सन 2003 की
बात
है, जब एक युवा छात्र ने मनोविज्ञान में स्नातक और पांच साल रंगमंच करने के बाद यह सोचा कि वह भारत के उच्चत्तम फिल्म प्रक्षिक्षण संस्थान, 'सत्यजीत
राय
फिल्म
एवं
टेलीविज़न
संसथान', से
निर्देशन
और
पटकथा
लेखन
में
स्नात्तोत्तकर
पश्चात्
सिनेमा
में
तीन
वर्षीय
डिप्लोमा
करेगा।
उनके
लिए
फिल्म
प्रक्षिक्षण
संसथान
में
जाना
एक
सपने
की
तरह
था
और
उन्होंने
अपना
ज्यादातार
समय
इसी
सपने
को
पूरा
करने
में
लगा
दिया।
एक
और
विरासत
है
जो
उन्होंने
अपने
फिल्म
संस्थान
को
दी।
उनकी
फिल्म
के
बाद
अन्य
छात्रों
में
हॉरर
फिल्में
बनाने
का
साहस
आया।
और
आज
अगर
आप
संस्थान
में
जाएंगे
तो
आपको
वहां
के
पुस्तकालय
में
डरावनी
फिल्मों
पर
एक
अलग
पुस्तकों
की
श्रेणी
मिलेगी।
उन्होंने
न केवल
अपनी
हॉरर
फिल्म
ही
बनाई
बल्कि
सिनेमा
के
छात्रों
का
नज़रिया
भी
बदला
और
भारत
के
प्रमुख
फिल्म
संस्थानों
में
एक
विरासत
दी।
बीस साल बाद सिनेमा के वह छात्र, निखिल सबलानिया, अपनी अगली हॉरर फिल्म बनाने जा रहे हैं। उनकी पिछली फिल्म सिसकी (The Sigh) थी। अपनी अगली फिल्म और हॉरर शैली पर वह कहते हैं, “फिल्म निर्देशक हॉरर या सुपरनेच्युरल फिल्म को छूना नहीं चाहते। यह आग से खेलने या सोते हुए बाघ की पूंछ पर कूदने जैसा है। इसके लिए सिनेमा का पूरा कौशल भी चाहिए। शॉट डिज़ाइनिंग, संकलन, ध्वनि डिज़ाइन और फिल्म के प्रभाव के बारे में पहले से विचार करना होता है। ऐसी फिल्म लिखना भी सामान्य पटकथा लेखन जैसा नहीं बल्कि डिज़ाइनिंग जैसा है। दर्शकों की वांछित प्रतिक्रियाएँ प्राप्त करने के लिए आपको पूरी पटकथा को भी उसी उसी प्रकार लिखना होता है। और यकीन मानिए कि लोगों को डराना, रोमांच बनाए रखना, दर्शक अपने साथ फिल्म के अनुभव घर लेकर लौटें, यह एक बहुत मुश्किल काम है। शायद यही कारण है कि या तो फिल्म निर्देशक इस शैली में फिल्म नहीं बनाते या ऐसी फिल्म बनाने में असफल होते हैं।"
अगली
हॉरर
फिल्म
के
शीषर्क
का
अभी
खुलासा
नहीं
किया
गया
है।
यह
बिना
किसी
संवाद
या
न्यूनतम
संवाद
की
होगी।
यह
फिल्म
भाषा
की
सरहदों
से
परे
की
होगी।
दुनिया
में
किसी
भी
भाषा
को
समझने
वाला
यह
फिल्म
देख
पाएगा
और
दर्शक
सिनेमा
के
शुद्ध
रूप
का
अनुभव
करेंगे।
बीस
साल
बाद
निखिल
सबलानिया
ने
एक
और
चुनौती
ली
है
कि
न्यूनतम
या
बिना
संवादों
के
एक
हॉरर
फिल्म
बनाएंगे।
फिल्म
के
लिए
जुझारू
पेशेवरों
का
दस्ता
बना
लिया
गया
है
और
कास्टिंग
चल
रही
है।
फिल्म
निर्माण
के
विभिन्न
विभागों
में
कई
नए
लोग
शामिल
होंगे।
कुछ
राज्य
सरकारों
के
साथ
सम्पर्क
किया
जा
रहा
है
जो
अपने
राज्यों
में
शूटिंग
स्थल
और
अन्य
सहायता प्रदान
कर
सकते
हैं।
यह
फिल्म 2024 तक
अमरीका
में
अंतर्राष्ट्रीय फिल्म
समारोहों
के
साथ
अपनी
यात्रा
शुरू
करेगी
और
इसका
लक्ष्य
अंतर्राष्ट्रीय
दर्शकों
को
आकर्षित
करना
है।
वाईपल
प्राईवेट
लिमिटड
(Vaaipl
Private Limited) नामक
कंपनी
फिल्म
का
निर्माण
कर
रही
है।
हम
आशा
करते
हैं
कि
एक
बार
फिर
से
हॉरर
सिनेमा
का
वह
छात्र
हॉरर
शैली
में
न केवल
एक
और
बेहत्तर
फिल्म
ही
देगा, बल्कि साथ ही हॉरर फिल्म शैली में वैश्विक फिल्म निर्माण में एक नया आदर्श देगा।

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